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बृहत्संहिता • अध्याय 36 • श्लोक 1
उदगादिपुरोहितनृपबलपतियुवराजदोषदं खपुरम् । सितरक्तपीतकृष्णं विप्रादीनामभावाय ॥
यदि उत्तर आदि दिशाओं में गन्धर्वनगर दिखाई दे तो क्रम से पुरोहित, राजा, सेनापति और युबराज का अशुभ करता है। जैसे-उत्तर दिशा में दिखाई दे तो पुरोहित, पूर्व दिशा में राजा, दक्षिण में सेनापति और पश्चिम में दिखाई दे तो युवराज का अशुभ करता है। साथ ही घेत वर्ण का हो तो ब्राह्मणों का, रक्त वर्ण का हो तो क्षत्रियों का, पौत वर्ष का हो तो वैश्यों का और कृष्ण वर्ण का हो तो शूद्रों का नाश करता है।
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