केतु पड़ा हो तो दुर्भिक्ष, अग्नि, मरण राजा और शस्त्र का भय होता है तथा परिवेष मण्डल में यदि राहु पड़ा हो तो गर्मभय, व्याधि और राजभय होता है।
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