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बृहत्संहिता • अध्याय 34 • श्लोक 11
वृष्टिख्यहेण मासेन विग्रहो वा प्रहेन्दुभनिरोधे। होराजन्माधिपयोर्जन्मर्धे बांऽशुभो राः ॥
यदि भौमादि कोई ग्रह, चन्द्र, कोई नक्षत्र- ये तीनों एक परिवेष में गत हों तो तीन दिन में वृष्टि और एक मास में लड़ाई होती है। जिस राजा का जन्मलग्नेश, जन्मराशीश या जन्मनक्षत्र परिवेश में हो, उस राजा को अशुभ फल होता है।
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