मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 33 • श्लोक 14
शुक्ला रक्ता पीता कृष्णा चोल्का द्विजादिवर्णघ्नी । क्रमशचैतान् हन्युर्मूॉरः पार्श्वपुच्छस्थाः ॥
सफेद, लाल, पीली और काली उल्का क्रम से ब्राह्मण आदि वर्णों का नाश करने बाली होती है। जैसे-सफेद उल्का ब्राह्मणों का, लाल क्षत्रियों का, पीली वैश्यों का और काली शूद्रों का नाश करती है तथा जो शिर से ठहरती है वह ब्राह्मणों का, जो बगल से ठहरती है यह वैश्यों का एवं जो पूँछ से ठहरती है, वह शूद्रों का नाश करती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें