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बृहत्संहिता • अध्याय 32 • श्लोक 8
चत्वार्यार्यम्णाद्यान्यादित्यं मृगशिरोऽश्वयुक् चेति । मण्डलमेतद्वायव्यमस्य रूपाणि सप्ताहात् ॥
उत्तरफल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, पुनर्वसु, मृगशिरा, अश्विनी - ये सात नक्षत्र वायव्य मण्डल के हैं। यदि इनमें से किसी भी नक्षत्र में भूकम्प हो तो इसके सात दिन पूर्व आगे कथित लक्षण होते हैं।
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