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बृहत्संहिता • अध्याय 32 • श्लोक 16
अभिजिच्छ्वणघनिष्ठाप्राजापत्यैन्द्रवैश्वमैत्राणि सुरपतिमण्डलमेतद्भवन्ति चाप्यस्य रूपाणि ॥
अभिजित्, श्रवण, घनिष्ठा, रोहिणी, ज्येष्ठा, उत्तराषाढा, अनुराधा-ये सात नक्षत्र इन्द्रमण्डल के हैं। यदि इनमें से किसी भी नक्षत्र में भूकम्प हो तो उसके सात दिन पूर्व आगे कथित लक्षण होते हैं।
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