लाशयों (वापी, कूप और तालाब ) का नाश, राजाओं में परस्पर द्वेष, दाह, विचचिंका, ज्वर, विसर्पिका और पाण्डु रोग होता है। यह तेजस्वी, क्रोधी मनुष्य, अश्मक, अङ्ग, बाह्रीक, तङ्गण, कलिङ्ग, वङ्ग, द्रविण
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।