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बृहत्संहिता • अध्याय 32 • श्लोक 12
पुष्याग्नेयविशाखाभरणीपित्र्याजभाग्यसंज्ञानि वगों हौतभुजोऽयं करोति रूपाण्यथैतानि ॥
पुष्य, कृत्तिका, विशाखा, भरणी, मघा, पूर्वभाद्रपदा, पूर्वफाल्गुनी- ये सात नक्षत्र आग्नेय मण्डल के हैं। यदि इनमें से किसी भी नक्षत्र में भूकम्प हो तो इसके सात दिन पूर्व आगे कथित लक्षण होते हैं।
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