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बृहत्संहिता • अध्याय 32 • श्लोक 11
वायव्ये भूकम्पे सस्याम्बुवनौषधी क्षयोऽभिहितः । श्वयथुश्वासोन्मादज्वरकासभवो वणिक्पीडा ॥
यह वेश्या, शत्रजीवी, वैद्य, कवि, गान विद्या जानने वाले, व्यापारी, शिल्पी तथा सौराष्ट्र, कुरु, मगध, दशार्ण और मत्स्यदेशवासी मनुष्यों को पीड़ित करता है।
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