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बृहत्संहिता • अध्याय 32 • श्लोक 10
वायव्ये भूकम्पे सस्याम्बुवनौषधी क्षयोऽभिहितः । श्वयथुश्वासोन्मादज्वरकासभवो वणिक्पीडा ॥
वायव्य भूकम्प होने से धान्य, जल और वनौषधियों का नाश होता है तथा व्यापारियों को शोथ, दमा, उन्माद, ज्वर और खाँसी से उत्पन्न पीड़ा होती है।
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