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बृहत्संहिता • अध्याय 30 • श्लोक 29
विलम्बिनो द्रुमोपमाः खरारुणप्रकाशिनः । धनाः शिवाय सन्ध्ययोः पुरोपमाः शुभावहाः ॥
वृक्ष की तरह, अतिलोहित वर्षों से प्रकाशित और पुर की करता है। यदि तरह मेघ दिखाई दे तो शुभ करता है।
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