जब सूर्य उत्तरायण में कुछ देर रहने के बाद अपनी चाल बदलता है तो सर्वत्र समृद्धि आती है और फसलों की वृद्धि होती है। जब वह अपने स्वाभाविक मार्ग पर होगा तो वही परिणाम प्राप्त होगा। परन्तु यदि उसकी चाल में कोई परिवर्तन या संशोधन हो तो वह सम्पूर्ण मानवजाति को भयभीत कर देगा।
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