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बृहत्संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 35
प्रहरणसदृशैः जलदैः स्थगितः सन्ध्याद्वयेऽपि रणकारी । मृगमहिषविहगखरकरभसदृशरूपैश्च भयदायी ॥
यदि सूर्योदय या सूर्यास्त के समय सूर्य हथियारों के रूप में बादलों से छिपा हो, तो यह इंगित करता है कि लड़ाई आसन्न है। यदि बादल हिरण, भैंस, पक्षी, गधा, ऊँट आदि का रूप ले लें तो लोगों में भय व्याप्त हो जाएगा।
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