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बृहत्संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 32
ध्वजचापनिभे युद्धानि भास्करे वेपने च रूक्षे च । कृष्णा रेखा सवितरि यदि हन्ति ततो नृपं सचिवः ॥
जब सूर्य ध्वजदंड या धनुष के रूप में प्रकट होगा तो युद्ध होगा; यही स्थिति तब होगी जब वह कांप रहा हो या तेज किरणों वाला हो। यदि उसके चक्र में कोई काली रेखा हो तो उस समय शासन कर रहे राजा को उसके ही मंत्री द्वारा मार दिया जाएगा।
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