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बृहत्संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 26
ग्रीष्मे रक्तो भयकृद् वर्षास्वसितः करोत्यनावृष्टिम् । हेमन्ते पीतोऽर्कः करोति न चिरेण रोगभयम् ॥
यदि ग्रीष्म ऋतु में सूर्य रक्त-लाल हो, तो यह लोगों के मन में भय पैदा करता है; यदि वर्षा ऋतु में सूर्य अंधकारमय हो तो देश में सूखा पड़ेगा। हेमन्त ऋतु में यदि सूर्य पीला हो तो रोग शीघ्र ही बढ़ जाते हैं।
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