द्वश्यन्ते च यतः ते रविबिंबस्यौत्स्थिता मोहौत्पाताः ।
आगच्छति लोकानां तेनैव भयं प्रदेशेन ॥
और सूर्य के चक्र पर दिखाई देने वाले ये चित्र इन दिशाओं से उन लोगों के लिए खतरा लाते हैं जो उन्हें देखते हैं। लोगों को उसी तिमाही से परेशानियां मिलेंगी जिसमें ये अंश सूर्य के चक्र पर दिखाई देंगे।
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