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बृहत्संहिता • अध्याय 3 • श्लोक 19
एको दुर्भिक्षकरो द्व्याद्याः स्युः नरपतेः विनाशाय । सितरक्तपीतकृष्णैः तैः विद्धोऽर्कोऽनुवर्णघ्नः ॥
यदि सूर्य के चक्र में एक भी वस्तु हो, तो यह अकाल के आगमन को दर्शाता है। यदि दो या दो से अधिक हों तो यह संप्रभु के विनाश का संकेत देता है। और यदि ऊपर उल्लिखित वस्तुएं सफेद, लाल, पीले और काले रंग की हों, तो उनके क्रम में निम्नलिखित वर्गों, जैसे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र का विनाश इंगित किया गया है।
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