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बृहत्संहिता • अध्याय 28 • श्लोक 9
नेच्छन्ति विनिर्गमं गृहाद्धन्वन्ति श्रवणान् खुरानपि । पशवः पशुवच्च कुक्कुरा यद्यम्भः पततीति निर्दिशेत् ॥
यदि पशु घर से बाहर होने की इच्छा न करें और कान तया पाँव हिलायें तो वृष्टि कहनी चाहिये अथवा पशु की तरह कुत्ता चेष्टा करे तो भी वृष्टि कहनी चाहिये।
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