मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 28 • श्लोक 8
तरुशिखरोपगताः कृकलासा गगनतलस्थितद्दिष्टनिपाताः । यदि च गवां रविवीक्षणमूर्ध्व निपतति वारि तदा न चिरेण ॥
यदि वृक्ष के शिखर पर स्थित होकर कुकलास (गिरगिट आकाश की तरफ देखता हो और गायें ऊपर को दृष्टि करके सूर्य को देखती हों तो शीघ्र वृष्टि होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें