यदि विना कारण चोटियाँ अपने अण्डों को एक जगह से दूसरी जगह ले जायें, सर्पों का मैथुन हो, सर्प वृक्ष पर चढ़े या गी विना कारण उछले हो तो शोघ्र वृष्टि होगी।
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