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बृहत्संहिता • अध्याय 28 • श्लोक 24
वर्षत्यपि रटति यदा गोमायुश्च प्रदोषवेलायाम्। सप्ताहं दुर्दिनमपि तदा पयो नात्र सन्देहः ॥२४॥ इति श्रीवराहमिहिरकृती बृहत्संहितायां सद्योवर्षणाध्यायोऽष्टाविंशः ॥
यदि प्रदोष समय में वर्षा हो या सियार भूके तो निक्षय करके सात दिन तक दुर्दिन और वृष्टि होती है।
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