प्रविशति यदि खद्योतो जलदसमीपेषु रजनीषु । केदारपूरमधिकं वर्षति देवस्तदा न चिरात् ॥
यदि रात्रि में जुगनू मेप के समीप तक जाय तो शीघ्र मेघ धान्य के क्षेत्रों को पूर्ण करने बाली वृष्टि करता है।
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