वृत्तायामापाढ्यां कृष्णचतुर्थ्यामजैकपादर्थे । यदि वर्षति पर्जन्यः प्रावृट् शस्ता न चेन्न तदा ॥
यदि आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी के दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में मेघ वृष्टि करे तो उस वर्ष में वर्षा अच्छी होती है। यदि वृष्टि नहीं करे तो अवृष्टि होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।