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बृहत्संहिता • अध्याय 26 • श्लोक 8
दन्तैर्नागा गोहयाद्याश्च लोम्ना हेम्ना भूपाः शिक्थकेन द्विजाद्याः । तद्वद्देशा वर्षमासा दिशश्च शेषद्रव्याण्यात्मरूपस्थितानि ॥
गजदन्त के प्रमाण से हाथी का, गौ, घोड़ा, आदि ( गदहा, ऊँट, बकरी और पेड़) के लोम से क्रमशः उन सबों का, सुवर्ण से राजा का, मोम से ब्राह्मण आदि चारों वणों का, देश, वर्ष, मास और दिशाओं का तथा अपने-अपने प्रमाण से शेष द्रव्यों का शुभाशुभ ज्ञान करना चाहिये।
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