तथैव फाल्गुने चैत्रे वैशाखस्यासितेऽपि वा। स्वातियोगं विजानीयादाषाढे च विशेषतः ॥
इसी तरह फाल्गुन, चैत्र और वैशाख के कृष्ण पक्ष में स्वाती योग का विचार करे; किन्तु आषाढ़ मास में विशेष रूप से इसका विचार करना चाहिये।
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