यदि रोहिणी शकट (छः तारा होने के कारण रोहिणी शकट कहते हैं) के मध्य स्थित होकर चन्द्रमा गमन करे तो आश्रयरहित, बच्चों के लिये भोजन माँगते हुये, सूर्य किरण से अत्यन्त उष्ण जल पीते हुये लोग (प्रजागण) अनिश्चित स्थान पर गमन करते 1
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