विकसित कमल के अन्दर के समान स्वच्छ कान्ति बाले, प्रान्त भाग में लोहित वर्ण की तरह कान्ति वाले तथा भ्रमर, कुङ्कुम और पुष्प की तरह स्वच्छ कान्ति वाले मेषों से युत आकाश रोहिणी-योग के समय में शुम होता है।
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