श्रवणे मघानुराधाभरणीमूलेषु दश चतुर्युक्ताः । फल्गुन्यां पञ्चकृतिः पुनर्वसौ विंशतिर्दोणाः ॥
श्रवणा, मघा, अनुराधा, भरणी और मूल में चौदह द्रोण;
पूर्वफाल्गुनी में पच्चीस द्रोण; पुनर्वसु में बीस द्रोण; विशाखा और उत्तराषाढ़ा में बीस द्रोण;
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।