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बृहत्संहिता • अध्याय 21 • श्लोक 9
मृगशीर्षाद्या गर्भा मन्दफलाः पौषशुक्लजाताश्च । पौषस्य कृष्णपक्षेण निर्दिशेच्छ्रावणस्य सितम् ॥
मार्गशीर्ष शुक्ल और पौष शुक्ल में स्थित गर्भ मन्द फल ( अल्प वृष्टि) देने वाला होता है।
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