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बृहत्संहिता • अध्याय 21 • श्लोक 8
सितपक्षभवाः कृष्णे शुक्ले कृष्णा द्युसम्भवा रात्रौ । नक्तम्प्रभवाश्चाहनि सन्ध्याजाताश्च सन्ध्यायाम् ॥
यदि गर्भ शुक्ल पक्ष में हो तो कृष्ण पक्ष में, कृष्ण पक्ष में हो तो शुक्ल पक्ष म, दिन में हो तो रात्रि में, रात्रि में हो तो दिन में, पूर्व सन्ध्या में हो तो पश्चिम सन्ध्या में और पश्चिम सन्ध्या में हो तो पूर्व सन्ध्या में प्रसय होता है।
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