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बृहत्संहिता • अध्याय 21 • श्लोक 5
केचिद्वदन्ति कार्तिकशुक्लान्तमतीत्य गर्भदिवसा स्युः । न च तन्मतं बहूनां गर्गादीनां मतं वक्ष्ये ॥
किसी का मत है कि कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा के बाद गर्भ के दिन होते हैं। यह सबका मत नहीं है; अत: अब गर्ग आदि आचार्यों का मत कहते हैं।
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