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बृहत्संहिता • अध्याय 21 • श्लोक 2
तल्लक्षणानि मुनिभिर्यानि निवद्धानि तानि दृष्ट्वेदम् । क्रियते गर्गपराशरकाश्यपवद्रादिरचितानि ॥
गर्ग, पराशर, काश्यप, यज्ञ आदि मुनियों के द्वारा निवद्ध गर्भलक्षण को देखकर में वर्षाकाल का लक्षण कर रहा हूँ।
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