जिस दिशा में सभी ताराग्रह (मङ्गल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि) दिखाई दें तथा जिस दिशा में रवि में प्रविष्ट ( अस्त) हों, उस दिशा में शत्रकोप, क्षुधा ( दुर्भिक्ष) और आतङ्क (उपद्रव) का भय होता है।
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