मङ्गल के संवत्सर, मास या दिन में वायु से सञ्चालित ग्राम, वन और नगरों को दग्ध करने की इच्छा रखने वाली भयङ्कर अग्नि चलती है। चोरों से निर्धन किये हुये पीड़ित मनुष्यगण हाहाकार करते हैं
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।