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बृहत्संहिता • अध्याय 19 • श्लोक 18
भेपीयते मधु मधी सह कामिनीधि- जेंगीयते ब्रवणहारि सवेणुवीणम् । धोभुज्यतेऽतिथिसुहत्स्यजनैः सहात्र- गब्दे सितस्य मदनस्य जयावघोषः ॥
आनन्दपुर सरगण, निह दुई और अत्यतिमाओं से है। यदि बकरी है, और मुदती है, अभ्या भित्र और बन्धुओं के साथ कारभा
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