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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 7
मधुररसकुसुमफलसलिललवणमणिशङ्खमौक्तिकाब्जानाम् । शालिबवौषधिगोधूमसोपपाक्रन्दविप्राणाम् ॥
मधुर रस, सभी पुष्प और फल, जल,नमक, मणि, शङ्ख, मोती, जल से उत्पन्न होने वाली वस्तु (कमल आदि), धान्य, यव, ओषधी, गेहूँ, सोमरस पीने वाले मनुष्य, आक्रन्द (पार्च रक्षकों के अन्तर्गत राज), ब्राह्मण
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