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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 40
अभिहितविपरीतलक्षणे क्षयमुपगच्छति तत्परिग्रहः । डमरभयगदातुरा जना नरपतयश्च भवन्ति दुःखिताः ॥
जो ग्रह पूर्वोक्त शुभ लक्षणों से विपरीत लक्षण वाला हो, वह अपने परिग्रह वर्ग का शखयुद्ध और रोग से नाश करता है तथा राजाओं को दुःखो करता है।
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