मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 36
उपहतदाम्भिकराक्षसनिद्राबहुलाश्च जन्तवः सर्वे । धर्मेण च सन्त्यक्ता माषतिला श्चार्कशशिशत्रोः ॥
उपहत (कुत्सित पुरुष), मिथ्याधमों, राक्षस, अधिक सोने वाले सभी जन्तु, घर्महीन, उड़द, तिल-इन सबों का स्वामी राहु है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें