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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 31
कुरुभूमिजाः प्रभासं विदिशा वेदस्मृती महीतटजाः । खलमलिननीचतैलिकविहीनसत्त्वोपहतपुंस्त्वाः ॥
कुरुभूमि में उत्पन्न मनुष्य ( स्थानेश्वर निवास करने वाले), प्रभास क्षेत्र, विदिशा नगरी, वेदस्मृती नदी, मही नदी के तट में उत्पन्न मनुष्य, खल, मलिन, नीच, तेली, निर्बल, नपुंसक, बन्धन-स्थानस्थित
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