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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 27
सुरभिकुसुमानुलेपनमणिवज्रविभूषणाम्बुरुहशय्याः । वरतरुणयुवतिकामोपकरणपृष्टान्त्रमधुर भुजः ॥
सुगन्ध द्रव्य, पुष्य, चन्दन, मणि (पद्मराग आदि), वज्र (होरक), भूषण, अम्बुरुह (कमल आदि), शय्या, प्रधान, युवा, स्त्री, कामोपकरण (पुष्प, धूप, माला, चन्दन आदि), मृष्ट (शोधित) अन्न का भोजन करने वाले, मधुर भोजन करने वाले, उद्यान, जल, कामी, यशस्वी, सुखी, दाता,
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