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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 25
तक्षशिलमर्तिकावतबहुगिरिगान्धारपुष्कलावतकाः । प्रस्थलमालवकैकयदाशार्णोशीनराः शिबयः ॥
तक्षशिला नगरी, मार्तिकावत देश, बहुगिरि, गान्धार, पुष्कलावतक, प्रस्थल, मालव, कैकय, दाशार्ण, उशीनगर, शिवि
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