छत्र, ध्वजा, चामर आदि, सुगन्ध द्रव्य, कुष्ठ, मांसी, तगर, रस (बोल), नमक, मूंग आदि, मधुर रस, मधूच्छिष्ट (सिक्यक = मोम), चोरक, सुगन्य द्रव्य- इन सबों का स्वामी गुरु है।
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