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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 14
कोशभवनाग्निहोत्रिक धात्वाकरशाक्यभिक्षुचौराणाम् । शठदीर्घवैरबद्वाशिनां च वसुधासुतोऽधिपतिः ॥
कोश, भवन, अग्निहोत्री, धातुओं की खान, शाक्य (रक्तपट), भिक्षु, चोर, शठ (परकार्य से विमुख), दृदृद्वेष, अधिक भोजन-इन सबों का स्वामी मङ्गल है।
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