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बृहत्संहिता • अध्याय 16 • श्लोक 12
नागरकृषिकरपारतहुताशनाजीविशख गर्तानाम् आटविकदुर्गकर्वटवधिकनृशंसावलिप्तानाम् नरपतिकुमार कुञ्जरदाम्भिकडिम्भाभिघातपशुपानाम् ।
नागर जन, किसान, पारत, अग्निहोत्री, सोनार, शत्र से आजीविका चलाने वाले, वनवासी, दुर्ग, कर्वटदेशवासी जन, वधिक, पापी, कामों में असंलग्न, राजा, बालक, हाथी, दाम्भिक, बालकों को मारने वाले,
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