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बृहत्संहिता • अध्याय 15 • श्लोक 8
पित्र्ये धनधान्याढ्याः कोष्ठागाराणि पर्वताश्रयिणः । पितृभक्तवणिक्शूराः कव्यादाः स्त्रीद्विषो मनुजाः ॥
धनी, धान्यागार, पर्वत पर रहने वाले, पिता-माता के सेवक, व्यापारी, शूर, मांसाहारी, खोद्वेषी- ये सब मभा नक्षत्रगत पदार्थ हैं।
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