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बृहत्संहिता • अध्याय 15 • श्लोक 7
अहिदेवे कृत्रिमकन्दमूलफलकीटपन्नगविषाणि । परधनहरणाभिरतास्तुषधान्यं सर्वभिषजश्च ॥
कृत्रिम द्रव्य, कन्द, मूल, फल, कोट, सर्प, विष, दूसरे के धन का हरण करने वाले, भूसी वाले धान्य, सभी प्रकार की औषधियों का प्रयोग करने वाले ये सब आश्लेषा नक्षत्रगत पदार्थ हैं।
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