मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 15 • श्लोक 30
सौम्यैन्द्रचित्रावसुदैवतानि सेवाजनस्वाम्यमुपागतानि । सार्प विशाखा श्रवणो भरण्यचण्डालजातेरभिनिर्दिशन्ति ॥
मृगशिरा, ज्येष्ठा, चित्रा और धनिष्ठा सेवकों के तथा आश्लेषा, विशाखा, श्रवणा और भरणी नक्षत्र चाण्डालों के स्वामी होते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें