पूर्वात्रयं सानलमप्रजानां राज्ञां तु पुष्येण सहोत्तराणि ।
सपौष्णमैत्रं पितृदैवतं च प्रजापतेर्भ च कृषीवलानाम् ॥
पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढा, पूर्वाभाद्रपदा और कृत्तिका ब्राह्मणों के; उत्तरफाल्गुनी, उत्तराषाढा, उत्तराभाद्रपदा और पुष्य क्षत्रियों के
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