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बृहत्संहिता • अध्याय 15 • श्लोक 25
पौष्णो सलिलजफलकुसुमलवणमणिशङ्खमौक्तिकाब्ज्ञानि । सुरभिकुसुमानि गन्या वणिजो नौकर्णधाराश्च ॥
जल से उत्पन्न होने वाले द्रव्य, फल और फूल, नमक, रल, शङ्ख, मोती, कमल आदि सुगन्ययुक्त फूल, सुगन्धियुत द्रव्य, खरीदने-बेचने वाले, नाविक- ये सभी रेवतो नक्षत्रगत पदार्थ है।
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