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बृहत्संहिता • अध्याय 15 • श्लोक 22
वरुणेशे पाशिकमत्स्यबन्यजलजानि जलचराजीवाः । सौकरिकरजकशौण्डिकशाकुनिकाश्चापि वर्गेऽस्मिन् ॥
पाशिक (जाल से प्राणियों को मारने वाले), मछली मारने वाले, जल में उत्पन्न होने वाले सभी द्रव्य, जलचर जन्तुओं से आजीविका चलाने वाले, सूअर को रखने वाले (डोम आदि), घोवी, मद्य बेचने वाले (कलवार आदि), पक्षियों को मारने वाले- ये सब शतभिषा नक्षत्रगत पदार्थ
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